“नेपाल के युवाओं के आक्रोश ने देश में राजनीतिक-सामाजिक उथल-पुथल पैदा कर दी है। आक्रोशित जेन-जी (युवाओं) की भीड़ ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मंत्रियों के घरों को आग लगा दी। इसके अलावा देश की संसद, सुप्रीम कोर्ट और कई सरकारी इमारतों में भी आगजनी की गई”
नई दिल्ली 10 / 09 / 2025 मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार
भारत ने बिगड़ते हालात पर चिंता जाहिर की है। एतहतियात के तौर पर एअर इंडिया, इंडिगो और नेपाल एयरलाइंस ने दिल्ली से काठमांडो जाने वाली उड़ानों को रद्द कर दिया है।
चितवन जिले में जिला प्रशासन कार्यालय में लगाई आग
पुलिस ने बताया कि चितवन जिले में प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार को जिला प्रशासन कार्यालय और उससे सटे चुनाव कार्यालय में आग लगा दी। जिला न्यायालय, भू-राजस्व और सरकारी वकीलों के कार्यालयों में भी आग लगा दी गई, जिससे दस्तावेज नष्ट हो गए।
भरतपुर और अन्य इलाकों में नगरपालिका और वार्ड कार्यालयों पर भी हमला किया गया। नेपाली कांग्रेस, यूएमएल और माओवादी केंद्र पार्टियों के स्थानीय कार्यालयों में आग लगा दी गई। भरतपुर के भटभटेनी सुपरमार्केट में मंगलवार शाम लगी आग बुधवार सुबह भी काबू से बाहर थी।
पूर्व उप प्रधानमंत्री लामिछाने को छुड़ाया
नक्खू जेल में भ्रष्टाचार के आरोप में बंद राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व उप प्रधानमंत्री रबि लामिछाने को प्रदर्शनकारियों ने जेल से छुड़ा लिया। उन्हें बीते साल 18 अक्तूबर को गिरफ्तार किया गया था। छात्रों के आंदोलन के बाद जेल प्रशासन ने लामिछाने की सुरक्षा सुनिश्चित करने से मना कर दिया।
इसके बाद, उनकी पत्नी निकिता पौडेल ने व्यक्तिगत तौर पर सुरक्षा की जिम्मेदारी लेते हुए उन्हें जेल से बाहर निकाला। लामिछाने की रिहाई के बाद नक्खू जेल से सभी कैदी बाहर निकल गए। इस जेल में लगभग 1,500 कैदी बंद थे। बदले हालात में लामिछाने भी प्रधानमंत्री पद के दावेदार माने जा रहे हैं।
पार्टियों के दफ्तर-जेल पर हमला, कैदी भागे
आंदोलनकारियों ने नेताओं के घरों के साथ ही नेपाली कांग्रेस, सीपीएन-यूएमएल समेत कई राजनीतिक दलों के दफ्तरों में भी आग लगा दी। सुरक्षाकर्मियों ने नेताओं व उनके परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की कोशिश की।
धनगढ़ी में प्रदर्शनकारियों ने जेल का फाटक तोड़ दिया, जिसके बाद सैकड़ों कैदी जेल से फरार हो गए। काठमांडो में जगह-जगह सड़कों पर टायर जलाकर रास्ता रोका गया।
सुदन गुरुंग बने आंदोलन का चेहरा
नेपाल में आंदोलन भड़कने के बीच एक ही नाम सबसे ज्यादा सुर्खियों में आ रहा है, वो है 36 वर्षीय सुदन गुरुंग का। गुरुंग को ही जेन-जी के इस आंदोलन का चेहरा माना जा रहा है।
वह हामी नेपाल नामक एक एनजीओ के कर्ताधर्ता हैं। उनका संगठन नेपाल में प्राकृतिक आपदाओं में मदद करने का दावा करता है। यह संगठन युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय है, यही वजह है कि उनकी एक आवाज पर हजारों युवा सड़कों पर उतर आए।
भारत से लगी 1,751 किमी लंबी सीमा पर हाईअलर्ट
भारत ने नेपाल के साथ लगी उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, सिक्किम और पश्चिम बंगाल की 1,751 किमी लंबी बिना बाड़ वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हाईअलर्ट घोषित कर दिया है।
सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने पड़ोसी देश में अशांति के मद्देनजर अपनी सभी सीमा चौकियों व संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा कड़ी कर दी है। एसएसबी के सभी फील्ड कमांडरों को मौके पर मौजूद रहने और कड़ी निगरानी बनाए रखने को कहा गया है।
