“इस्राइल ने मंगलवार को कतर की राजधानी दोहा में बड़ा हमला किया था। इस्राइली हमले के बाद बुधवार को मलबे में हमास नेताओं के शव खोजे गए। हमास के नेता गाजा पट्टी में युद्ध विराम के लिए अमेरिकी प्रस्ताव पर विचार करने के लिए कतर आए थे। लेकिन इस्राइली हमले में उनकी मौत हो गई”
नई दिल्ली 11 / 09 / 2025 न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट
हमलों के बाद कतर और इस्राइल के बीच तनाव बढ़ गया है। आपको बता दें कि इस्राइली वायुसेना ने मंगलवार को हमास के नेताओं को निशाना बनाने के लिए कतर की राजधानी दोहा में बड़ा हमला किया था। इसमें हमास के नेताओं की मौत हो गई थी।
कतर पर हुए हमले की मध्य पूर्व और उसके बाहर कई देशों ने व्यापक निंदा की। इसके बाद कतर और इस्राइल के बीच तनाव बढ़ गया। साथ ही युद्ध को समाप्त करने और गाजा में हमास द्वारा बंधक बनाए गए लोगों को मुक्त कराने के लिए चल रही बातचीत खतरे में पड़ गई है।
हमले के बाद हमास ने कहा कि उसके शीर्ष नेता हमले में बच गए, लेकिन पांच निचले स्तर के सदस्य मारे गए। इसमें गाजा में हमास के नेता और उसके शीर्ष वार्ताकार खलील अल-हय्या का बेटा, तीन अंगरक्षक और अल-हय्या के कार्यालय का प्रमुख शामिल है।
सरकारी कतर समाचार एजेंसी ने बताया कि देश के शासक अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित विश्व के नेताओं के साथ कई बार बातचीत की।
शेख तमीम ने हमले की निंदा की और कहा कि कतर इस्राइल को इसके परिणामों के लिए जिम्मेदार मानता है, क्योंकि वे आक्रामकता की नीति अपनाते हैं, जो क्षेत्र की स्थिरता के लिए खतरा है और तनाव कम करने तथा स्थायी कूटनीतिक समाधान तक पहुंचने के प्रयासों में बाधा उत्पन्न करती है।
कतर के पास वायु रक्षा प्रणालियों का एक बड़ा भंडार है। इसमें अमेरिकी निर्मित पैट्रियट और टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस या THAAD शामिल है। मगर हमले के दौरान कतर की वायु रक्षा प्रणाली सक्रिय नहीं थी।
कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने कहा कि इस्राइल ने ऐसे हथियारों का इस्तेमाल किया जो रडार द्वारा पता नहीं लगाए जा सके।
सरकारी कतर समाचार एजेंसी ने बताया कि देश के शासक अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित विश्व के नेताओं के साथ कई बार बातचीत की।
शेख तमीम ने हमले की निंदा की और कहा कि कतर इस्राइल को इसके परिणामों के लिए जिम्मेदार मानता है, क्योंकि वे आक्रामकता की नीति अपनाते हैं, जो क्षेत्र की स्थिरता के लिए खतरा है और तनाव कम करने तथा स्थायी कूटनीतिक समाधान तक पहुंचने के प्रयासों में बाधा उत्पन्न करती है।
वायु रक्षा प्रणाली ने नहीं किया काम
कतर के पास वायु रक्षा प्रणालियों का एक बड़ा भंडार है। इसमें अमेरिकी निर्मित पैट्रियट और टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस या THAAD शामिल है। मगर हमले के दौरान कतर की वायु रक्षा प्रणाली सक्रिय नहीं थी।
कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने इस्राइल ने ऐसे हथियारों का इस्तेमाल किया जो रडार द्वारा पता नहीं लगाए जा सके।
अमेरिका ने कहा है कि उसने हमले से पहले कतर को चेतावनी दी थी। कतर इस बात से सहमत नहीं है। शेख मोहम्मद ने कहा कि हमलों के 10 मिनट बाद अमेरिकियों ने एक संदेश भेजा था।
इसमें कहा गया था कि उन्हें सूचित किया गया था कि कतर पर मिसाइल हमला होने वाला है। कतर अमेरिकी सेना के मध्य-पूर्व स्थित सेंट्रल कमांड के अग्रिम मुख्यालय का भी घर है। विशाल अल-उदैद एयर बेस पर स्थित इस मुख्यालय में अमेरिकी रडार और रक्षा प्रणालियां भी हैं।
