“गौरतलब है कि 11 सितंबर को सूरत के लसकाना विस्तार से कचरे के ढेर से एक युवक का कटा हुआ सिर मिला था। जांच के दौरान 500 मीटर दूर एक मकान से मृतक का धड़ मिला था”
सूरत 17 / 09 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट
सूरत के लसकाना थाना क्षेत्र में 11 तारीख गुरुवार को हत्या का अजीबोगरीब मामला सामने आने से सनसनी फैल गई थी। मृतक युवक का कटा हुआ सिर बाहर सड़क पर कचरे के ढेर में पड़ा था, जबकि धड़ कमरे के अंदर मौजूद था।
पुलिस को खबर मिलते ही क्राइम ब्रांच समेत उच्च पुलिस अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंच गई और छानबीन शुरू की। पुलिस ने डॉग स्कॉड से भी मौके पर जांच करवाई, हालांकि मृतक युवक की पहचान नहीं हो पा रही थी। 50 पुलिस और 3 उच्च अधिकारियों को 120 घंटे की मेहनत के बाद आखिरकार सफलता हाथ लगी।
सूरत क्राइम ब्रांच के डीसीपी भावेश रोजिया ने बताया कि 11 सितंबर को सूरत के लसकाना विस्तार से कचरे के ढेर से एक युवक का कटा हुआ सिर मिला था। जांच के दौरान 500 मीटर दूर एक मकान से मृतक का धड़ मिला था। मृतक की पहचान नहीं हो रही थी।
पुलिस ने हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस की अलग-अलग टीम बनाई थी। टीम में साइबर एक्सपर्ट से लेकर सीसीटीवी एक्सपर्ट को भी टीम में शामिल किया था। 50 पुलिस और 3 अधिकारियों ने दिन रात एक कर दिया था। आखिरकार 120 घंटे की मेहनत के बाद पुलिस को सफलता मिली।
बिहार के युवक की सूरत में हत्या
पुलिस जांच में पता चला कि मरने वाला बिहार के रहने वाले गिरीश महंतो है। पुलिस जांच में यह भी पता चला कि मरने वाला और हत्यारा पिछले 15 दिन से एक साथ ही रह रहे थे। हत्या करने के बाद उनका साथी रूम छोड़कर भाग गया था। पुलिस के पास न उनकी तस्वीर और रहने का कोई अता-पता था।
पुलिस की टीम लगातार उनकी जांच कर रही थी, तब पता चला कि मृतक पहले पीपोडरा इंडस्ट्री में कोई कारखाने में काम करता था। पुलिस ने पूरी टीम को पीपोडरा इंडस्ट्रियल इलाके के हर फैक्टरी की जांच शुरू कर दी।
आखिरकार पुलिस को सफलता मिली। पुलिस ने आरोपी मुन्ना उर्फ इशाक मंसूरी को एक लूम फैक्टरी से पकड़ लिया। जो बिहार के गोपालगंज का ही रहने वाला है।
क्या है हत्या का कारण?
डीसीपी क्राइम ब्रांच भावेश रोजिया ने बताया कि मृतक और हत्यारा बिहार के गोपालगंज में ही रहते है। 15 दिन पहले इशाक भी साथ रहने आ गया था। 10 तारीख की रात दोनों के बीच झगड़ा हुआ था। मृतक ने आरोपी को मां बहन की गाली देने से इशाक गुस्से में आ गया था।
पहले दोनों के बीच हाथापाई हुई बाद में पत्थर से हमला कर दिया। हत्यारा इशाक इतने गुस्से में था कि उसने घर में पड़े चाकू से मृतक का सिर धड़ से अलग कर दिया। पुलिस अब आरोपी की आगे की जांच कर रही है।
पुलिस को कैसे मिला आरोपी का सुराग?
50 पुलिस और तीन उच्च अधिकारी हत्या की जांच कर रहे थे। 800 से 1000 सीसीटीवी की जांच की गई। पुलिस के लिए हत्या की गुत्थी सुलझाना बहुत मुश्किल हो रहा था। पुलिस ने साइबर एक्सपर्ट ओर सीसीटीवी एक्सपर्ट की टीम को भी जांच में शामिल किया था।
करीब 120 घंटे की कड़ी मेहनत के बाद पुलिस को पहला सुराग मिला। जिस कचरे के ढेर से कटा हुआ सिर मिला था उसके आसपास के इलाके में लगे सीसीटीवी जांच की तो एक शख्स हाथ में प्लास्टिक का बैग दिखा। आशंका जताई जा रही है इसी में मृतक का कटा हुआ सिर रखा हुआ था।
ऐसे चढ़ा पुलिस के हत्थे
पुलिस का मानना था कि प्लास्टिक की बैग में मृतक का सिर हो सकता है, क्योंकि जिस बैग में कचरे के ढेर से बेग मिली थी उसी तरह की बैग सीसीटीवी में दिखाई दे रहा था।
पुलिस को आरोपी के बारे में कोई जानकारी या फोटो नहीं मिला था। पुलिस ने पीपोडरा इंडस्ट्रियल इलाके के फैक्टरियों के सीसीटीवी की जांच की तो आरोपी मशीन के ऊपर काम करता नजर आया तो पुलिस ने फौरन उसको धर दबोचा।
