“पूर्व सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने अभिभावकों को गैर-हिंदुओं से मिलने वाली बेटियों के पैर तोड़ने का विवादास्पद सुझाव दिया है, जिस पर कांग्रेस ने मध्य प्रदेश में कथित धर्मांतरण के मामलों की कम संख्या का हवाला देते हुए भाजपा पर बेवजह नफरत फैलाने का आरोप लगाया है”
भोपाल 19 / 10 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट
भोपाल की पूर्व सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर की एक टिप्पणी पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा है कि माता-पिता को अपनी बेटियों को ‘गैर-हिंदुओं’ के घर जाने से रोकना चाहिए और अगर वे न मानें तो उनकी ‘टांगें तोड़ देनी चाहिए’। इस बयान के बाद कांग्रेस ने बीजेपी पर ‘नफरत’ फैलाने का आरोप लगाया है।
इस महीने की शुरुआत में भोपाल में एक धार्मिक कार्यक्रम में बोलते हुए, ठाकुर ने माता-पिता से कहा कि अगर उनकी बेटी उनकी मर्जी के खिलाफ कुछ करे तो उसे शारीरिक सजा दें।
ठाकुर ने क्या कहा?
फेसबुक पर एक वायरल वीडियो में प्रज्ञा ठाकुर ने कहा, ‘अपने मन को पक्का करो, इतना पक्का कि अगर हमारी बेटी हमारी बात नहीं मानती, अगर वह किसी गैर-हिंदू के घर जाती है, तो उसके पैर तोड़ने के बारे में सोचने से पीछे मत हटो।’
उन्होंने आगे कहा, ‘जो बच्चे बड़ों की बात नहीं मानते और घर से भागने को तैयार रहते हैं… उनके प्रति ज्यादा होशियार रहें। उन्हें अपने घरों से बाहर न निकलने दें। उन्हें पीटकर, समझाकर, प्यार करके या डांटकर रोकें।’
ठाकुर ने माता-पिता को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि, ‘अगर आपको अपने बच्चों की भलाई के लिए उन्हें पीटना पड़े, तो मत हिचकिचाओ। जब माता-पिता ऐसा करते हैं, तो यह उनके बच्चों के अच्छे भविष्य के लिए होता है; वे उन्हें टुकड़ों में कटकर मरने नहीं देते।’
कांग्रेस की तीखी प्रतिक्रिया
ठाकुर पर सीधा हमला बोलते हुए कांग्रेस प्रवक्ता भूपेंद्र गुप्ता ने कहा, ‘मध्य प्रदेश में (कथित धर्मांतरण के) सिर्फ सात मामलों में ही दोष साबित हुआ है, तो फिर इतनी शोर-शराबा और नफरत क्यों फैलाई जा रही है?’
